शरीफा के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

612

परिचय (Introduction)

शरीफा एक मीठा फल हैं जिसमें काफी ज्यादा मात्रा में कैलोरी होती है। मधुमेह के रोगियों और मोटे व्यक्तियों को यह फल नहीं खाना चाहिए। शरीफा आसानी से हजम होने वाला और अल्सर व अम्ल पित्त के रोग में ज्यादा लाभकारी होता है। इसमें आयरन और विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है।

विभिन्न रोगों में उपचार (Treatment of various diseases)

बालों के रोग :
शरीफा के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीसकर बालों में लगाने से सिर के उड़े हुए बाल फिर से उग आते हैं।

जुएं का पड़ना :
शरीफा के बीजों को बारीक पीसकर रात को सिर में लगा लें और किसी मोटे कपड़े से सिर को अच्छी तरह बांधकर सो जाएं। इससे जुएं मर जाती है। इस बात का ध्यान रखें कि यह आंखों तक न पहुंचे क्योंकि इससे आंखों में जलन व अन्य नुकसान हो सकता है।
शरीफा के पत्तों का रस बालों की जड़ो में अच्छी तरह मालिश करने से जुंए मर जाती है।

फोड़ा :
शरीफा के पत्तों को पीसकर फोड़ों पर लगाने से फोड़े ठीक हो जाते है।

शरीर की जलन :
शरीफा सेवन करने या इसके गूदे से बने शर्बत शरीर की जलन को ठीक करता है।