मशरूम के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

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परिचय (Introduction)

मशरूम अत्यन्त स्वादिष्ट और पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। मशरूम की सब्जी खाने में काफी अच्छी लगती है, लेकिन अधिक मंहगा होने के कारण इसका सेवन केवल धनी परिवारों में ही किया जाता है। जनसाधारण में मशरूम को “खूंब´´ के नाम से संबोधित किया जाता है। कुछ लोग मशरूम को सांप की छतरी, फफूंद समझकर इससे दूर रहते हैं। देश-विदेशों में मशरूम की सैकड़ों किस्में पाई जाती हैं, जिनमें कुछ किस्में विषैली भी होती हैं। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अधिक मात्रा में मशरूम होती है। मशरूम की सब्जी बनाकर सेवन करने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है।

विभिन्न रोगों में उपचार (Treatment of various diseases)

  1. मशरूम में प्रोटीन तत्व अधिक मात्रा में होने के कारण शरीर में प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग-विकारों से सुरक्षा होती है।

    2.  मशरूम में पाए जाने वाले प्रोटीन एमिनों एसिड्स, लायसिन और ट्राइप्टोसिन आदि अति शीघ्र पच जाते हैं।

    3.  मशरूम में विटामिन `बी´ की अधिकता से बेरी-बेरी रोग से सुरक्षा होती है।

    4.  गर्भावस्था में मशरूम की सब्जी खाने से महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में फोलिक अम्ल, नियासिन, वायमिन, राइबोफ्लेकिन तथा `बी´ कॉम्पलेक्स समूह के विटामिन प्राप्त होते हैं।

    5.  मधुमेह रोग से पीड़ित स्त्री-पुरुषों को मशरूम के सेवन से अधिक लाभ होता है। मशरूम शारीरिक शक्ति को विकसित करता है।

    6.  आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार मशरूम का सेवन करने से कैंसर रोग से सुरक्षा होती है, क्योंकि इसमें कैंसर विरोधी तत्व होते हैं।

    7.  मशरूम का सूप बनाकर पीने से खून में वृद्वि होती है।